- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद रजत चंद्र-त्रिशूल से सजा बाबा का दिव्य रूप, गूंजे जयकारे
- CM मोहन यादव के विजन को रफ्तार: विक्रम विश्वविद्यालय ने शुरू किया अभियान, फार्मा कंपनियों को जोड़ने और स्टूडेंट्स को स्किल्ड बनाने पर फोकस
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: रेल से आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था पर फोकस, अधिकारियों ने किया स्टेशनों का निरीक्षण
भस्म आरती: रजत बिल्व पत्र, चंद्र और ड्राई फ्रूट की माला से किया गया बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार की सुबह सभा मंडप में वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन कर घंटी बजाई गई, जिसके बाद भगवान से आज्ञा लेकर सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए। इसके पश्चात गर्भगृह के पट खोलकर भगवान को जल से स्नान कराया गया। नंदी हाल में भी नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया।
मंदिर के कपाट खुलने के बाद भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया। इसके बाद प्रथम घंटाल द्वारा हरि ओम का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के उपरांत, बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार रजत बिल्व पत्र, चंद्र और ड्राई फ्रूट की माला अर्पित करके किया गया। इसके बाद, महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई और भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं।
इस अवसर पर बाबा महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाला और रुद्राक्ष की माला के साथ सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला धारण की। बाबा को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
इसी बीच, जैसे ही मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन प्रारंभ हुए, चारों ओर जय श्री महाकाल की गूंज सुनाई देने लगी और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।